Khula Sach
ताज़ा खबरमनोरंजन

Poem : हम अपनों के बिन अधूरे हैं

✍️ चेतनाप्रकाश चितेरी, प्रयागराज, (उ.प्र.)

हम अपनों के बिन अधूरे हैं,
छोटा–सा जीवन!

देखा है हमने
अपनों के बिन ए! जिंदगी! अधूरी है,
हम अपनों के बिन अधूरे हैं।

छोटा-सा जीवन!
सपने हैं मेरे बस इन्हीं से,

देखा है हमने,
बिन इनके मेरे सपने अधूरे हैं,
अपनों के बिना ए! जिंदगी! अधूरी है,
हम अपनों के बिन अधूरे हैं।

छोटा–सा जीवन!
मेरी ख़ुशियांँ इन्हीं से,
बिन इनके घर कैसा?

देखा है हमने,
वह घर ही अधूरा है,
जिस घर में मेरे अपने ना हों,
हम अपनों के बिन अधूरे हैं।

छोटा–सा जीवन!
चेतना अपनों के बिन यह जीवन अधूरा है,

देखा है हमने
अपनों के बिन ए! जिंदगी! अधूरी है,
हम अपनों के बिन अधूरे हैं।

Related posts

अनिल शर्मा की फिल्म ‘गदर 2’ की शूटिंग शुरू 

Khula Sach

Uttar Pradesh : CM योगी ने ने महाअष्टमी एवं महानवमी के अवसर पर प्रदेशवासियों को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दी

Khula Sach

ऑप्टिमस फार्मा ने कोविड-19 औषधी ‘मोलनुपिराविर’ का क्लिनिकल परीक्षण पूरा किया

Khula Sach

Leave a Comment