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Mumbai : महापौर किशोरी पेडणेकर ने पेश की इंसानियत की मिसाल

मुंबईकरो को महापौर के ममतामयी रूप के हुए दर्शन 

अस्पताल से स्वास्थ होकर घर लौट रहे पीड़ित बच्चे के पालक को दिया 15 लाख रुपए की आर्थिक मदद 

मुंबई : वर्ली में गैस बाटले विस्फोट में गंभीर रूप से ज़ख्मी हुए 5 वर्षीय बालक विष्णु पूरी को 15 लाख रुपए की किया आर्थिक मदद । गौरतलब हो कि पूर्व में वर्ली के एक घर में हुए सिलिंडर विस्फोट में घायल हुए 5 वर्षीय बालक को आज कस्तूरबा अस्पताल से स्वस्थ अवस्था मे घर जाने की डॉक्टरों की अनुमति मिलने के इस मार्मिक प्रसंग को कस्तूरबा अस्पताल के डीन समेत संपूर्ण स्वस्थ कर्मियों ने मुंबई की महापौर किशोरी पेडणेकर , उप महापौर सुहास वाडकर सहित विधायिका यामिनी जाधव की मौजूदगी में पांच वर्षों के बच्चे के भविष्य की ढेरों शुभकामनाएं देते हुए , कपड़े से लेकर बहुत सारे गिफ्ट समेत आर्थीक सहयोग का चेक बच्चे के माता पिता को सुपुर्द किया गया । इतना ही नहीं मुंबई के हैप्पी होम तथा द ब्लाइंड स्कूल के आंखों से दिव्यांग बच्चों के साथ मुंबई की महापौर किशोरी पेडणेकर ने न सिर्फ समय बिताया , बच्चों के लिये ढेरों गिफ्ट वितरित किये ।बल्की आंखों से दुनिया की चकाचौंध देखने से वंचित बच्चों की जिंदगी में खुशियां भरने के लिये किशोरी पेडणेकर ने आंखों से दिव्यांग बच्चों के साथ उनका मनोबल बढ़ाने के लिये यह गाना गाया जिंदगी की यही रीति है ,हार के बाद ही जीत है ……। ऐसे दर्द भरे गीत गानों को गाते हुए न सिर्फ ब्लाइंड स्कूल का पूरा स्टॉफ महापौर के साथ भावुक हो गया ।वीडियो में वायरल हुए गाने में महापौर किशोरी पेडणेकर ममता मई माँ के तौर पर आंखों से दिव्यांग बच्चों को गले लगाकर ।फिर एक बार यही संदेश दिया है ।

उल्लेखनीय तौर पर राज्य भर में इनदिनों जारी शिवसेना -बीजेपी के कोल्ड वॉर संजय राउत , किरीट सोमैया , समेत नारायण राणे के बीच चल रहे राजनीतिक विवादों से समय निकालकर अलग हटकर । मुंबई की महापौर किशोरी पेडणेकर ने फिर एक बार साबित कर दिया है कि मुंबई करी जनता के लिये काय पान !

गौरतलब हो कि आज राज्यस्तर पर शिवसेना की एक बड़े नेता के तौर पर कोरोना महामारी की आपदा से पूर्व बनी किशोरी पेडणेकर की छवि, अतुलनीय राजनीतिक से लेकर सामाजिक कार्य के न सिर्फ शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे को प्रभावित किया है। बल्की रश्मि उद्धव ठाकरे , अदित्य ठाकरे भी मुंबई की महापौर के तौर पर विराजमान किशोरी पेडणेकर के कायल हो चुके है ।

कहा जाता है कि किशोरी पेडणेकर का महापौर का कार्य काल उठाकर अगर देखा जाये तो शिवसेना में मुंबई के महापौर के गरिमामय पद की बहुत से नेताओं ने नगरसेवकों ने शोभा बढ़ाई है ।परंतु जिस प्रकार मुंबई करी जनता के हर सुख दुख में मुंबई करी जनता के साथ फिर चाहे कोंकण की प्राकृतिक आपदा हो , कोरोना महामारी के ढाई वर्ष का काल हो या फिर कोई दुर्घटना ,अग्निकांड सहित अन्य मुंबई की महापौर वहां सब से पहले पहुंच कर घटनास्थल पर जाकर जायजा लेने वाली जनता की जनप्रतिनिधि के तौर पर अपने दायित्व का निर्वाह करते चले आई है ।

अगर देखा जाये तो दो-एक मौके पर कहीं कोई प्रशासनिक मौके पर चूक हुई हो किशोरी पेडणेकर ने उस मुसीबत आपदा के चट्टान की भांति डांट कर मुकाबला किया है । जिसकी बानगी मुंबई करी जनता को कोरोना महामारी के दौरान देखने को मिली। मुंबई के हर एक सरकारी अस्पतालों की कमियों को दूर करने के लिये ,स्वास्थ सुविधाओं को चुस्त दुरुस्त बनाने के नाम पर ।मुंबई करी जनता की जान बचाने को लेकर अपनी जान खतरे में डालने के लिये चर्चित हुई ।

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