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इंश्योरेन्स देखो ने सीरीज़ ए फंडिंग में 150 मिलियन डॉलर की राशि जुटाई

मुंबई : भारत की प्रमुख इंश्योरटेक प्लेयर इंश्योरेन्स देखो ने बताया कि कंपनी ने सीरीज़ ए में 150 मिलियन डॉलर की राशि जुटाई है, जिसमें इक्विटी और डेब्ट का मिश्रण शामिल है। यह एक भारतीय इंश्योरटेक कंपनी द्वारा अब तक का सबसे बड़ा सीरीज़ ए राउण्ड है। इस इक्विटी राउण्ड का नेतृत्व गोल्डमैन सैशेस असेट मैनेजमेन्ट एवं टीवीएस कैपिटल फंड्स ने किया। इन्वेस्टकोर्प, अवतार वेंचर्स एवं लीपफ्रॉग इन्वेस्टमेन्ट्स में भी इस फंडिंग में हिस्सा लिया।

इंश्योरेन्स देखों की स्थापना साल 2016 में अंकित अग्रवाल और ईश बब्बर द्वारा की गई थी। अपनी शुरूआत के बाद से कंपनी ने उल्लेखनीय विकास दर्ज किया है और मार्च 2023 तक रु 3500 करोड़ की सालाना प्रीमियम रन रेट हासिल करने का लक्ष्य रखा है।

नई जुटाई गई इस राशि का उपयोग इंश्योरेन्स देखो के प्रोडक्ट एवं टेक्नोलॉजी फंक्शन्स का पैमाना बढ़ाने, नए बाज़ारों में विस्तार, हेल्थ एवं लाईफ कैटेगरी में नए आधुनिक उत्पादों के लॉन्च, कंपनी के एमएसएमई इंश्योरेन्स कारोबार के विकास, लीडरशिप टीम को सशक्त बनाने तथा इनओर्गेनिक विकास के अवसर उत्पन्न करने के लिए किया जाएगा।

इंश्योरेन्स देखो के सीईओ एवं सह-संस्थापक, अंकित अग्रवाल ने कहा ‘‘देश में बीमा सेवाओं की पहुंच बढ़ाने की बात करें तो हमें शहरी क्षेत्रों के दायरे से बाहर जाने की आवश्यकता है। बीमा सेवाओं को आम जनता तक पहुंचाने के लक्ष्य को पूरा करने के लिए हम अपनी पहुंच बढ़ा रहे हैं और आने वाले समय में भी अपने सशक्त अडवाइज़र्स के साथ टेक-आधारित समाधान लाते रहेंगे, जो साल के अंत तक भारत के हर गांव और हर क्षेत्र को अपनी सेवाएं प्रदान कर सकें। भारत में बीमा के क्षेत्र में बड़ा बदलाव आ रहा है और इंश्योरेन्स देखो हर भारतीय की बीमा संबंधी ज़रूरत को पूरा करने की स्थिति में है।’’

इस वर्ष के अंत तक इंश्योरेन्स देखो ने अपने प्लेटफॉर्म पर इंश्योरेन्स अडवाइज़र्स की संख्या को 200,000 से अधिक तक पहुंचाने का लक्ष्य रखा है। कंपनी महाराष्ट्र में अपनी टीम का तेज़ी से विस्तार कर रही है और निकट भविष्य में 45,000 इंश्योरेन्स अडवाइज़र्स का नेटवर्क तैयार करेगी। कंपनी के साथ जुड़ने के बाद छह महीने के भीतर इंश्योरेन्स देखो के ज़्यादातर अडवाइज़र्स की कुल आय में तीन गुना बढ़ोतरी हुई है। इस तरह उनके परिवार के जीवन की गुणवत्ता में सुधार हो रहा है।

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