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स्पॉट गोल्ड की कीमतों में 0.25% की गिरावट

मुंबई : एंजल ब्रोकिंग लिमिटेड के नॉन एग्री कमोडिटी एंड करेंसी रिसर्च एवीपी प्रथमेश माल्या ने बताया कि अमेरिकी फेडरल रिजर्व के नीतिगत परिणाम के बीच सोना कमजोर हुआ, जबकि सऊदी अरब से उत्पादन में कटौती के बावजूद क्रूड भी लाल रंग में बंद हुआ। बढ़ते कोविड-19 मामलों और नए सिरे से आर्थिक प्रतिबंधों ने कच्चे तेल की कीमतों पर दबाव डाला। बेस मेटल्स में मिश्रित ट्रेंड देखा गया, जिसमें जिंक में सबसे ज्यादा गिरावट हुई। चीन ने अपने पीक औद्योगिक धातु की डिमांड की सूचना दी। आगे विस्तार के लिए कोई जगह नहीं होने से निवेशकों ने सतर्कता बरती और औद्योगिक धातु की कीमतों पर दबाव डाला।

सोना: यू.एस. फेडरल रिजर्व के नीतिगत परिणाम के बीच स्पॉट गोल्ड 0.25% कम होकर 1,850 डॉलर प्रति औंस पर बंद हुआ। अतिरिक्त प्रोत्साहन पैकेज, जिसका निवेशकों ने लंबे समय तक इंतजार किया, मुद्रास्फीति को जन्म दे सकता है। यह पीली धातु की मांग को ऊंचा रख सकता है, क्योंकि इसे मुद्रास्फीति और मुद्रा की कमजोरी के खिलाफ बचाव माना जाता है।

इसके अलावा, यूके, जर्मनी, फ्रांस और चीन जैसी प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं में वायरस के पुनरुत्थान के कारण सख्त लॉकडाउन ने सोने के नुकसान को रोक दिया। हालांकि, कोविड-19 मामलों में निरंतर वृद्धि, अमेरिका द्वारा अतिरिक्त प्रोत्साहन सहायता की उम्मीद, और अमेरिका से कमजोर आर्थिक डेटा सोने की कीमतों के लिए कुछ समर्थन का विस्तार कर सकता है।

कच्चा तेल: कोरोनोवायरस के मामलों में खतरनाक वृद्धि के बीच डब्ल्यूटीआई क्रूड मामूली रूप से 0.04% कम हो गया। प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं में नए सिरे से बढ़ते कोरोना के मामलों की वजह से कच्चे तेल के आउटलुक में कमजोरी आई है। कमजोर अमेरिकी डॉलर के बावजूद कच्चे तेल के लिए टर्म डिमांड की चिंताओं और अतिरिक्त प्रोत्साहन सहायता से जुड़ी आशाओं ने तेल की कीमतों पर और दबाव डाला।

हालांकि, नुकसान सीमित रहे क्योंकि दुनिया के प्रमुख तेल उत्पादक सऊदी अरब ने महामारी की वजह से लगे प्रतिबंधों के बीच उत्पादन को स्थिर रखने के लिए एक मिलियन से अधिक बीपीडी की उत्पादन कटौती की घोषणा की। इससे तेल की कीमतों को कुछ समर्थन मिल सकता है। वायरस के प्रकोप के बीच टर्म डिमांड की चिंता आगे चलकर क्रूड की कीमतों को कम कर सकती है। इसके विपरीत, अमेरिकी क्रूड इन्वेंट्री में गिरावट भी कीमतों में गिरावट रोक सकती है।

बेस मेटल्स: बेस मेटल्स में मिश्रित ट्रेंड नजर आया। पैक के भीतर जिंक में सबसे ज्यादा गिरावट दर्ज हुई। कमजोर यू.एस. डॉलर और यू.एस. द्वारा अतिरिक्त प्रोत्साहन सहायता भी बेस मेटल्स में नुकसान को सीमित करने में विफल रही। चीन से मांग के संबंध में रिपोर्टें सामने आईं, जिससे आगे विस्तार के लिए कोई जगह नहीं बची। इसने निवेशकों के बीच आशंका पैदा की और औद्योगिक धातु की कीमतों को आगे बढ़ाया। इसके अलावा, चीन में महामारी के पुनरुत्थान ने बेस मेटल्स के लिए डिमांड आउटलुक को और प्रभावित किया।

एलएमई की निगरानी वाले गोदाम और शंघाई फ्यूचर्स एक्सचेंज में बढ़ती इन्वेंट्री के मद्देनजर जिंक ने गिरावट के साथ कारोबार किया। वर्ल्ड स्टील एसोसिएशन की रिपोर्टों के अनुसार, ग्लोबल क्रूड स्टील की मांग दिसंबर’20 में 5.8% बढ़ी, जबकि चीन के इस्पात उत्पादन में 7.7% की वृद्धि हुई।

कॉपर: एलएमई कॉपर 0.5% बढ़कर 8,008.5 डॉलर प्रति टन पर समाप्त हुआ क्योंकि चीन ने संक्रमित मामलों की संख्या में गिरावट दर्ज की। हालांकि, कमजोर अमेरिकी डॉलर ने लाल धातु की मांग को कम कर दिया। कमजोर अमेरिकी डॉलर के बीच दुनिया की सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था से अतिरिक्त प्रोत्साहन सहायता पर उम्मीद है कि औद्योगिक धातु की कीमतों में कुछ समर्थन हो सकता है।

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