Khula Sach
ताज़ा खबरधर्म एवं आस्थामनोरंजन

Poem : “नाग पंचमी का मेला”

✍️ प्रतिभा दुबे (स्वतंत्र लेखिका), ग्वालियर, मध्य प्रदेश

बज रही ढोल, नगाड़े ताशे,
डम डमरू डम डम बाजे।
खुशहाली की बरखा बरसे,
सावन शुक्ल पंचमी तिथि को
नाग पंचमी का लग रहा मेला।।

कावड़ियों की धूम मची है भारी
मंदिर मंदिर भीड़ लगी भक्तो की
शिव अभिषेक करते मिल सारे
नाग पंचमी के उत्सव पर देखो,
भोलेनाथ प्रसन्न हो रहे हमारे।।

शुभ घड़ी मिल सब खुशी मनाते
घर में नए नए खूब पकवान बनाते
भोलेनाथ संग नागों की करके पूजा
कुल देवी देवता भी प्रसन्न हो रहे सारे
नाग पंचमी का उत्सव सभी मनाते।।

नाग पंचमी का बागों में लगा है मेला,
प्रकृति मां भी खुश होती देखकर
सावन की हरियाली भाए सबको
बरखा से सारी गर्मी मिटती तब
झूला झूलने बागों में सखी बुलाए।।

Related posts

Mumbai : मुंबई मराठी पत्रकार संघ के अध्यक्ष नरेंद्र वाबळे ने किया साप्ताहिक समाचार पत्र “निडर सत्ता” का विमोचन

Khula Sach

खुशहाल परिवार दिवस का आयोजन जिले में कल

Khula Sach

Mirzapur : वरिष्ठ नागरिक संरक्षण संस्थान की साधारण सभा की बैठक संपन्न

Khula Sach

Leave a Comment