Khula Sach
अन्यकारोबारताज़ा खबर

52.5% छात्रों ने बताया पिछले साल ऑनलाइन एजुकेशन का बदलाव रहा आसान : ब्रेनली

मुंबई : पिछले वर्ष महामारी के कारण ऑनलाइन शिक्षार्थियों की संख्या में भारी वृद्धि देखी गई थी। 52.5% छात्रों ने बताया कि यह बदलाव आसान रहा, जबकि 27.6% ने बताया कि यह चुनौतियों से भरा रहा। दुनिया के सबसे बड़े ऑनलाइन लर्निंग प्लेटफार्म ब्रेनली ने इंटरनेशनल डे ऑफ एजुकेशन के अवसर पर ऑनलाइन व ऑफलाइन शिक्षा के विभिन्न पहलुओं के बारे में गहराई से जानकारी हासिल करने हेतु किए सर्वेक्षण में इस बात का खुलासा हुआ है।

सर्वेक्षण में यह बात सामने आई कि ब्रेनली के 77.2% छात्रों ने ऑनलाइन लर्निंग के मुकाबले अनुभवात्मक सीखने को प्राथमिकता दी, जबकि 22.8% ने दावा किया कि ऑनलाइन लर्निंग अधिक सुविधाजनक विकल्प था। व्यावहारिक और सैद्धांतिक दृष्टिकोण के बारे में पूछे जाने पर 25.1% ब्रेनली छात्रों ने कहा कि वे व्यावहारिक दृष्टिकोण को पसंद करते हैं जबकि 18% सैद्धांतिक दृष्टिकोण को पसंद करते हैं। हालांकि, लगभग 29.9% ब्रेनली छात्रों ने सैद्धांतिक और व्यावहारिक दृष्टिकोण का मिश्रण पसंद होने की बात कही।

पिछले साल शिक्षकों को सीखने के लिए विभिन्न तकनीकों का सहारा लेना पड़ा। ब्रेनली के 28.6% छात्रों ने बताया कि उनके शिक्षकों ने ऑनलाइन प्लेटफ़ॉर्म, स्मार्ट क्लास आदि के माध्यम से टेक्नोलॉजी को अपनाने का विकल्प चुना, जबकि 27.2% ब्रेनली छात्रों ने दावा किया कि उन्होंने ग्रुप स्टडी, प्रोजेक्ट्स और ऑनलाइन कम्युनिटी-ड्रिवन सहित कोलेबोरेटिव लर्निंग अप्रौच की ओर रुख किया। 25.2% ने यह भी बताया कि उनके शिक्षक व्यक्तिगत प्रशिक्षण के साथ कक्षा में छात्रों की चुनौतियों को संबोधित कर रहे थे।

ब्रेनली में सीपीओ राजेश बिसानी ने कहा “2020 वैश्विक शिक्षा प्रणाली में बहुत बड़े बदलाव लाया है। हालांकि, इन परिवर्तनों का छात्रों पर मिश्रित प्रभाव पड़ा है। उनमें से कुछ फायदेमंद थे, हमें पूरी तरह से डिजिटल शिक्षा को चलाने के बारे में और अधिक जानने की आवश्यकता है। यह देखना दिलचस्प होगा कि नया शिक्षा मॉडल इसके बाद कैसे विकसित होता है। ”

टेक्नोलॉजी अब केंद्र में है और इसने पिछले कुछ वर्षों में कई रुझानों में वृद्धि दिखाई है। 28% उत्तरदाताओं ने बताया कि ब्रेनली जैसे होम असिस्टेंस ऐप्स की लोकप्रियता बढ़ रही है। अन्य छात्रों ने यह भी दावा किया कि ‘पीयर-टू-पीयर लर्निंग एनवायरनमेंट’ (18.2%), ‘हाइब्रिड लर्निंग मॉडल’ (14.2%), और अन्य ट्रेंड्स जैसे कि टेक्नोलॉजी का उपयोग, ऑनलाइन लर्निंग और मार्किंग सिस्टम (6.8%) में वृद्धि हुई है। हालांकि, लगभग एक तिहाई (32.9%) छात्रों ने दावा किया कि उन्होंने इन सभी शैक्षिक रुझानों में वृद्धि देखी।

Related posts

उत्तर भारतीयों ने चाय की चुस्कियों के बीच पुरानी यादों को किया ताजा

Khula Sach

दिल्ली : कूड़ा उठाने के नाम पर एक बड़ा घोटाला : विजेंद्र यादव

Khula Sach

“नर सेवा नारायण सेवा” को सर्वोपरि मान निस्वार्थ भाव से जनसेवा करते राजस्थान के ‘पैडमैन’ राजेश कुमार सुथार !

Khula Sach

Leave a Comment