Khula Sach
अन्यताज़ा खबरधर्म एवं आस्था

गिलबर्ट हिल के लिए लोगों में जागृता बढ़ाने और स्लम एरिया में काम करने हेतु चलाया विशेष अभियान

– रिपोर्ट : रितेश वाघेला

मुंबई : माया नगरी मुंबई के अंधेरी पश्चिम में एक ऐसा ऐतिहासिक जगह है जो 600 शतक के पहले से स्थित है। बताते हैं यह ऐतिहासिक जगह भूखंड से आए लावा द्वारा बना पर्वत है, इस की ऊंचाई 61 मीटर, 200 फीट. की है। इस जगह को सरकार ने 1952 में कायदे के साथ गिलबर्ट हिल राष्ट्रीय उद्यान का नाम दिया था। 2007 में उसे वर्ल्ड हेरिटेज घोषित किया गया।

कोलमनार बेसाल्ट खड़क से बना यह टेकडी मानव जाति के पहले से स्थित है। बताते है कि पूरे विश्व में ऐसे केवल 3 टेकडी है। जिनमें 2 अमेरिका के केलिफोर्निया और वियाओमिंग में स्थित है, यह ‘डेविल पोस्पाइल’‘डेविल टॉवर’ के नाम से मशहूर है। तीसरा भारत में मुंबई के अंधेरी में स्थित है, जिसे ‘गिलबर्ट हिल’ के नाम से जाना जाता है। काफी समय से भू माफिया और पर्वत खनन के कारण यह टेकडी काफी छोटी हो चुकी है। लोग इस ऐतिहासिक जगह को देखने देश दुनिया के दूर-दराज से पैसे खर्च करके देखने आते हैं। हमारे बीच जो यह गिलबर्ट हिल है इसके बारे में अधिकतर लोगों को पता ही नहीं।

आज के समय में यह पहाड़ी एक पर्यटक स्थल बन चुका है। अन्य संरचनाओं के विपरीत यहां आप आराम से छुट्टियां बिता सकते हैं। पहाड़ी के ऊपर दो मंदिर बने हुए हैं जो गांव देवी और दुर्गा माता को समर्पित हैं। कोई भी व्यक्ति पहाड़ी की चढाई कर इन मंदिरों के दर्शन कर सकता है।

15 दिसम्बर 2020 को के/प के सहायक आयुक्त विश्वास मोटे ने अपनी टीम के साथ इस ऐतिहासिक जगह का सुबह 7 बजे अपनी 50 कर्मचारी एवं अन्य लोगों के साथ मुआयाना किया। जिसमें बृहनमुंबई के/प के सहायक आयुक्त विश्वास मोटे, रख-रखाव के संदीप सोनावने, गार्डन डिपार्टमेंट के कचवा साहेब, swd department से बंगर साहेब इत्यादि लोग, मंदिर के ट्रस्टी, शिव सेना खासदार प्रियंका चतुर्वेदी, संजय कदम, सुनिल खाबिया, प्रसाद आयरे, उदय महाले और अन्य कार्यकर्ता व सेव गीलबर्ट हिल के भौगोलिक रिसर्च के चन्द्र शेखर नेने, कंजर्वेशन आर्किटेक्चर तपन मित्तल देशपांडे और अन्य लोग भी शामिल थे।

इस दौरान राज्यसभा सांसद प्रियंका चतुर्वेदी ने इस ऐतिहासिक जगह संभाल ने और इसमें कुछ सुधार करने के लिए योग्य हो वैसे निर्णय लेंगे ऐसा वचन गांव देवी संस्था को दिया है। संस्था के कार्यकर्ता एवं शिव सेना के अप विभाग शंगतक प्रसाद आयरे का भी इस कार्य में बड़ा योगदान है।

के/प प्रभाग समिति अध्यक्ष सुधा सिंह से बात करते समय उन्होंने बताया कि स्थानिक आमदर अमीत साटम साहेब ने इस जगह के लिए काफी योगदान दिया, भू माफिया से लड़े, और इस गिलबर्ट हिल टेकड़ी के चारो और जेकटिंग भी करवाया गया है, और इस देवस्थान के लिए लिफ्ट का प्रपोजल भी दिया है।

 

Related posts

Mirzapur : अंतर्राष्ट्रीय न्यायिक मानवाधिकार संरक्षण ने थानाध्यक्ष अदलहाट को विशिष्ट कोरोना योद्धा सम्मान 2020 से नवाजा

Khula Sach

इन ३ चीजों को रखने से नहीं होगी धन की कमी, साथ में बना रहेगा प्यार !

Khula Sach

Chhatarpur : जन अभियान परिषद ने वैक्सीन लगवाने लोगों को किया प्रेरित

Khula Sach

Leave a Comment