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Lakhimpur Violence Case: लखीमपुर हिंसा मामला पहुंचा सुप्रीम कोर्ट 

रिपोर्ट : आर.के.तिवारी

उत्तर प्रदेश : लखीमपुर खीरी में हुई हिंसा पर राजनीति जबरदस्त (politics is awesome) तरीके से हो रही है। आपको बता दे कि कांग्रेस (Congress) पूरी तरीके से सरकार पर हमला कर रही है और यह सब मामला सुप्रीम कोर्ट (Supreme court) भी पहुंच गया है। आपको को बता दे कि जहां महागठबंधन में एक ओर टकराव दिख रहा है तो वही इस लड़ाई में रामविलास पासवान (Ram Vilas Paswan) की पार्टी दो हिस्सों में बट गई है और दोनों को अलग-अलग नाम और चुनाव चिन्ह भी निर्वाचन आयोग की ओर से दे दिया गया है।

इस घटना पर राजनीति गरम हो गई है। विपक्ष लगातार बीजेपी सरकार को जिम्मेदार ठहरा रहा है। इस बीच कांग्रेस नेता प्रियंका गांधी वाड्रा, दीपेंद्र हुड्डा, कुलदीप वत्स और प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अजय कुमार लल्लू समेत 10 नेताओं के खिलाफ दंड प्रक्रिया संहिता के तहत मामला दर्ज किया गया है। उप जिलाधिकारी (एसडीएम) सीतापुर प्यारे लाल मौर्य ने मंगलवार को यहां बताया कि कांग्रेस नेता प्रियंका गांधी समेत 10 नेताओं के खिलाफ चार अक्टूबर को सीआरपीसी की धारा 151 (कोई पुलिस अधिकारी जिसे किसी संज्ञेय अपराध की परिकल्पना का पता है ऐसी परिकल्पना करने वाले व्यक्ति को मजिस्ट्रेट के आदेश के बिना और वारंट के बिना गिरफतार कर सकता हैं), 107 और 116 के तहत मामला दर्ज किया गया है।

Lakhimpur Violence Case: लखीमपुर खीरी हिंसा मामला

आपको बता दे कि लखीमपुर खीरी हिंसा मामला अब सुप्रीम कोर्ट पहुंच गया है। इसको लेकर दो वकीलों ने मुख्य न्यायाधीश एनवी रमना को पत्र लिखा है और इस पत्र में इस घटना की न्यायिक जांच सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में सीबीआई से कराने की अपील की गई है। साथ ही साथ यह भी कहा गया है कि पूरी घटना की एफआईआर (FIR) दर्ज हो और आरोपी मंत्री पुत्र को सजा मिले। इसके साथ ही इस मामले में दोषी अधिकारियों और घटना में शामिल मंत्री और उनके रिश्तेदारों के खिलाफ भी कार्यवाही की जाए।

दूसरी ओर लखीमपुर हिंसा को लेकर कांग्रेस आक्रमक हो गई है। कांग्रेस नेता नवजोत सिंह सिद्धू (Navjot Singh Sidhu) ने आज ट्वीट कर यह तक कह दिया कि अगर बुधवार तक केंद्रीय मंत्री के बेटे की गिरफ्तारी नहीं हुई तो पंजाब कांग्रेस लखीमपुर खीरी तक मार्च करेगी। इसके साथ ही उन्होंने कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी को रिहा करने के लिए भी कहा है। लखीमपुर हिंसा को लेकर विपक्षी एकता भी दिखाई देने लगी है। वही शिवसेना नेता संजय राउत ने राहुल गांधी से मुलाकात किया है। और इस मुलाकात के बाद संजय राउत (Sanjay Raut) ने कहा कि प्रियंका गांधी (Priyanka Gandhi) गिरफ्तार हैं, इसलिए राहुल गांधी (Rahul Gandhi) से मिलना जरूरी है। अगर कानून सबके लिए समान है तो प्रियंका गांधी जेल में क्यों है और मंत्री खुले घूम रहे हैं?

Lakhimpur Violence Case: महागठबंधन में तकरार

बिहार में 2 सीटों पर विधानसभा के उपचुनाव होने है। यह सीट है कुशेश्वरस्थान और तारापुर। इस सीट को लेकर एनडीए एक साथ एक सहमति से चुनाव लड़ रहा है। लेकिन दिक्कत महागठबंधन में दिखाई दे रही है। राजद पहले ही दोनों ही सीटों पर अपने उम्मीदवार घोषित उतारने की घोषणा कर चुका है। लेकिन अब उसे कांग्रेस की ओर से चुनौती दी जा रही है। बिहार में कांग्रेस विधायक दल के नेता अजीत शर्मा ने साफ तौर पर राजद पर गठबंधन धर्म पालन नहीं करने का आरोप लगाया और कहा कि अब कांग्रेस दोनों ही सीटों पर अपने उम्मीदवार उतारेगी। इसी को लेकर जब तेजस्वी यादव से सवाल किया गया तो उन्होंने कहा कि हमारी पार्टी का फैसला था कि हमलोग 2 जगह से चुनाव लड़ेंगे। हम लोगों ने कांग्रेस प्रभारी से पहले ही बात कर लिया था कि राजद चुनाव लड़ना चाहती है। ये उपचुनाव है, महागठबंधन में कोई दरार नहीं है।

Lakhimpur Violence Case: पारस गुट को अलग-अलग नाम

निर्वाचन आयोग ने मंगलवार को अंतरिम उपाय के तौर पर चिराग पासवान और पशुपति कुमार पारस के गुटों को पार्टी के नाम और चुनाव चिह्न आवंटित कर दिए। आयोग ने कुछ दिन पहले ही इन पर ‘लोक जनशक्ति पार्टी’ (लोजपा) या पार्टी के चुनाव चिह्न ‘बंगले’ के इस्तेमाल पर रोक लगा दी थी। पासवान और पारस को लिखे अलग-अलग पत्रों में निर्वाचन आयोग ने कहा कि उसने चिराग पासवान गुट को लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) नाम और चुनाव चिह्न हेलीकॉप्टर आवंटित किया है। आयोग ने पारस से कहा कि आपके अनुरोध पर विचार करने के बाद आयोग ने आपके समूह के लिए राष्ट्रीय लोक जनशक्ति पार्टी नाम और चुनाव चिह्न सिलाई मशीन का आवंटन किया है।

एसडीएम ने कहा है कि ये निवारक धाराएं हैं, एक बार हमें आश्वासन मिलता है कि उनके द्वारा शांति उल्लंघन नहीं होगा, उन्हें हटा दिया जाएगा।’ लखीमपुर खीरी कांड के पीड़ितों से मिलने जाते वक्त रास्ते में चार अक्टूबर सुबह पांच बजे सीतापुर में हिरासत में ली गई कांग्रेस की राष्ट्रीय महासचिव और उत्तर प्रदेश की प्रभारी प्रियंका गांधी अब भी पुलिस अभिरक्षा में हैं। प्रियंका अपने साथी नेताओं के साथ मृतक किसानों के परिजन से मुलाकात के लिए सोमवार तड़के लखीमपुर खीरी के लिए रवाना हुई थीं मगर रास्ते में सीतापुर में उन्हें हिरासत में ले लिया गया।

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