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Mirzapur : महामारी को देखते हुए भैरप्रसाद ट्रस्ट जमीन पर अस्पताल खुले

कमिश्नर ने निकलवाई बंद फाइल, नगरपालिका अध्यक्ष ने कहा कि पूर्वजों की स्मृति में योगदान करेंगे

रिपोर्ट : सलिल पांडेय

मिर्जापुर, (उ.प्र.) : मानव-स्वास्थ्य को महामारियों से मिल रही चुनौतियों के दौर में चिकित्सा-कॉरिडोर की भी जरूरत पड़ गई है। सरकार की खाली पड़ी जमीनों पर स्वास्थ्य सेंटर, सब-सेंटर, सरकारी डायग्नोस्टिक सेंटर, ऑक्सीजन प्लांट स्थापित करना समय की मांग है। इस कार्य में उद्योगों और कम्पनियों के CCR फंड से संसाधन जुटाए जाने की जरूरत है।

भैरोप्रसाद ट्रस्ट नेत्र संस्थान

नगर के दानवीरों में स्व भैरवप्रसाद जायसवाल का नाम आता है। इन्होंने अपनी बड़ी जमीन सिविल लाइन (पेट्रोल टँकी के पास) एक 5 दशक पूर्व तत्कालीन जिलाधिकारी को इस शर्त के साथ दानस्वरूप दिया था कि उनकी ही देखरेख में यहां नेत्र अस्पताल खोला जाए। समय बीतता गया पर हुआ कुछ नहीं। बल्कि जमीन पर अवैध निर्माण तक हो गया था, जिसपर उसी क्षेत्र के समाजसेवी वीरेंद्र गुप्त की जबरदस्त पैरवी पर 25 वर्ष पूर्व तत्कालीन जिलाधिकारी श्री बचित्तर सिंह ने खुद खड़े होकर अवैध निर्माण ढहवा दिया था। इसमें कतिपय डॉक्टर तथा नर्सेस सपरिवार रहने लगी थीं।

पूर्व DM विमल कुमार दुबे के बाद अब कमिश्नर योगेश्वर राम मिश्र ने लिया संज्ञान में

इस भूमि पर अस्पताल बनाने के लिए वर्ष ’16 में तत्कालीन जिलाधिकारी श्री विमल कुमार दुबे ने अथक प्रयास किया। कई संस्थाओं को आमंत्रित किया। मीटिंगें की । श्री दुबे का कहना था कि कोई संस्था अस्पताल की बिल्डिंग बना कर प्रशासन के नियमों के साथ चिकित्सा करे। लेकिन हर कोई चाहता था कि DM जमीन उसके नाम कर दे। DM श्री दुबे ने जब स्पष्ट किया कि दान की शर्तों के अनुसार ऐसा नहीं हो सकता तब सारी संस्थाएं मैदान छोडकर भाग खड़ी हुई। सबकी नीयत में खोट थी। सभी अरबों की जमीन प्राप्त करना चाहते थे। बीच के दिनों में DM श्री सुशील कुमार पटेल का कार्यकाल लॉकडाउन में ही व्यतीत हो गया। अब कोरोना की दूसरी लहर की भयावहता को देखते हुए कमिश्नर श्री योगेश्वर राम मिश्र बंद फाइल को खुलवा रहे है। इस काम में विन्ध्याचल के ददरी ग्राम में लगभग 1200 एकड़ की सरकार से ली गई जमीन पर स्थापित फ्रांस की सोलर कम्पनी से CCR फंड में कार्य कराया जाना चाहिए। इसके अलावा मण्डल में स्थित हिंडालको, जिले के ही मेटल किंग ऑफ इंडिया कहे जाने वाले बिनानी परिवार, बड़े उद्योगपतियों, कार्पेट निर्माताओं, वित्तीय संस्थानों के CCR फंड से बड़े नेत्र चिकित्सा संस्थान और रिसर्च सेंटर की स्थापना कराई जानी चाहिए।

नगरपालिका अध्यक्ष मनोज कुमार जायसवाल उत्साहित

नपा अध्यक्ष श्री मनोज कुमार जायसवाल ने कहा कि स्व भैरोप्रसाद जायसवाल उनके पितामह (बाबा) के मामा थे । उन्होंने कचहरी के अलावा लोहन्दी में भी जमीन दान में दी थी। इसके अलावा NSC भी दिया था। श्री जायसवाल ने कहा कि बीच की अवधि में आए एक DM की वजह से कार्य बाधित हो गया। उनका इरादा साफ नहीं था। इसीलिए वे एक अन्य मामले में अंतरराष्ट्रीय नकारात्मक चर्चा में आ गए, वरना अस्पताल की स्थापना की गति तेज हो गई होती। नपा अध्यक्ष श्री जायसवाल का कहना है कि पूर्वजों की स्मृति को अक्षुण्ण बनाने के लिए वे पालिका के अलावा व्यक्तिगत स्तर पर योगदान देने के लिए तैयार हैं।

मेडिकल कालेज से सम्बद्ध हो

इस संबन्ध में कमिश्नर श्री मिश्र से मांग है कि वे मेडिकल कॉलेज से इसे सम्बद्ध कर नेत्र संस्थान और संबंधित सेवाएं शुरू कराकर जनता को महत्त्वपूर्ण सौगात दें।

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