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Mirzapur : तीसरे चरण का रण कोरोना से कमर कस के होगा

कोरोना के तीसरे चरण में महा-रण की होने लगी तैयारी

बच्चों के लिए ICU बेड का इंतजाम ताकि बैड इम्पैक्ट न डाल सके जानी-दुश्मन कोरोना

मेडिकल कालेज अस्थाई तौर पर प्रयागराज के जिम्मे हो सकता है

रिपोर्ट : सलिल पांडेय

मिर्जापुर, (उ.प्र.) : तीसरे चरण में बच्चों का भक्षण करने आ रहे कोरोना के मंसूबों को फेल करने की तैयारी में लगा स्वास्थ्यतंत्र अभी से उनके संरक्षण का महामंत्र जपने में लग गया है ताकि दूसरी लहर में अव्यवस्था का जो घाव जिले के लोगों को कोरोना दे गया है, उसकी पुनरावृत्ति न होने पाए।

मण्डलीय अस्पताल की व्यवस्था बदली

जिस जिले में मेडिकल कॉलेज खुल जाता है, वहां के अस्पताल की व्यवस्था में लखनऊ से ही बदलाव हो जाता है। अभी तक मण्डलीय अस्पताल चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग के अधीन था लेकिन मेडिकल कालेज के अधीन मंडलीय अस्पताल होने से अब यह चिकित्सा एवं शिक्षा विभाग के अधीन नए वित्तीय सत्र की शुरुआत अप्रैल से हो गया है।

तीसरे चरण में भीषण रण की तैयारी हो रही

अगस्त से अक्टूबर के बीच कोरोना के पुनरागमन को देखते हुए मंडलीय अस्पताल सहित चुनार, लालगंज, मड़िहान और विन्ध्याचल में बच्चों ले लिए 130 बेड के वार्ड कोरोना हमले को विफल करने के लिए बनाए जा रहे हैं। जिसमें मंडलीय अस्पताल में 50 और अन्य सेंटरों में 20-20 बेड की व्यवस्था पहले से की जा रही है ताकि कोरोना का बैड-इम्पैक्ट न पड़ने पाए। इसमें भी मंडलीय अस्पताल में 20 तथा अन्य सेंटरों में 10-10 बेड का ICU कक्ष बनाया जा रहा है।

मंडलीय अस्पताल और L-2 दोनों विकल्प

चूंकि सारी तैयारी जून में ही पूरी करनी है लिहाजा मुख्यालय पर दो विकल्पों पर मंथन चल रहा है। इसमें मंडलीय अस्पताल का कोई वार्ड लिया जा सकता है या L-2 में से बेड लिए जा सकते हैं। मुख्यालय पर तो प्राकृतिक ऑक्सीजन प्लांट तो लग गया है लिहाजा यहां को छोड़कर अन्य सेंटरों पर 10-10 छोटे ऑक्सीजन सिलिंडर रखे जाएंगे जबकि विन्ध्याचल में 15 की व्यवस्था रहेगी। इसी के साथ इन सेंटरों पर 2-2 बड़े सिलिंडर रखे जाएंगे। इसी के साथ ऑक्सीजन कंस्ट्रेटर की व्यवस्था भी की जा रही है।

मेडिकल कालेज होगा अल्प-अवधि के लिए प्रयागराज के अधीन

यद्यपि यहां के मेडिकल कालेज में पटना से डॉक्टर शैलेश कुमार को प्रिंसिपल नियुक्त कर दिया गया है लेकिन NOC आदि की औपचारिकता के चलते उनके आने में समय लग सकता है लिहाजा प्रयागराज के मेडिकल कालेज के प्रिंसिपल डॉ एच पी सिंह के नियंत्रण में मिर्जापुर आने की संभावना है। क्योंकि अभी तक झांसी मेडिकल कालेज के प्रिंसिपल डॉ नरेंद्र सिंह तोमर यहां की व्यवस्था देख रहे थे जिन्होंने शासन से मिर्जापुर की अधिक दूरी को देखते हुए अनुरोध किया कि उनसे मिर्जापुर वापस ले लिया जाए। क्योंकि उनके पास ललितपुर जिले का भी प्रस्तावित मेडिकल कालेज आ गया है। विभाग के प्रमुख सचिव श्री आलोक कुमार कोरोना को देखते हुए प्रयागराज के प्रिंसिपल डॉ सिंह के जिम्मे कम दूरी को देखते हुए इस जिले को देने में सहमत बताए जा रहे हैं। डॉ सिंह के पास गाजीपुर मेडिकल कालेज भी है।

सुपर अधिकारी प्रिंसिपल रहेंगे

मंडलीय अस्पताल चूंकि मेडिकल कालेज का हिस्सा हो गया है, ऐसी स्थिति में यहां के वे सर्वोच्च अधिकारी रहेंगे । मुख्य चिकित्साधीक्षक का पद उनके अधीन रहेगा।

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