Khula Sach
कारोबारताज़ा खबर

अमिताभ कांत, नीति आयोग के सीईओ कू से जुड़े

मुंबई : नीति आयोग (नैशनल इन्स्टिटूट फ़ॉर ट्रांसफॉर्मिंग इंडिया) के सीईओ अमिताभ कांत हाल ही में कू पर आए। नीति आयोग भारत सरकार का एक पॉलिसी थिंक टैंक है, जिसे आर्थिक नीति-निर्माण प्रक्रिया में भारत की राज्य सरकारों की भागीदारी को बढ़ावा देकर सतत विकास लक्ष्यों को प्राप्त करने के लिए बनाया गया है।

अमिताभ कांत 1980 बैच के एक प्रतिष्ठित आईएएस अधिकारी हैं। वे नीति आयोग के सीईओ होने के अलावा सरकार में कई अन्य पदों पर हैं। उन्हें अपोलिटिकल (सरकारों के सीखने का वैश्विक मंच) द्वारा शासन में क्रांति लाने वाले दुनिया के 50 सबसे प्रभावशाली लोगों में से एक के रूप में मान्यता दी गई है। वे इंडिया टुडे के 45 प्रतिष्ठित भारतीयों में से एक हैं और एनडीटीवी द्वारा ‘अड्मिनिस्ट्रेटर ऑफ द ईयर’ अवार्ड भी उन्हें प्रदान किया गया है। वह कुछ सबसे प्रसिद्ध अभियानों और पहल जैसे ‘गॉड्स ओन कंट्री’, ‘अतिथि देवो भवः’, ‘मेड इन इंडिया’ और ’स्टार्टअप इंडिया’ के पीछे के स्तम्भ हैं।

कू के सह-संस्थापक, अप्रमेय राधाकृष्ण ने कहा: “अमिताभ कांत को अपने विचार यहाँ कू पर साझा करते हुए देख बहुत खुश हूँ। हम सभी को उनके जैसे प्रतिष्ठित अधिकारी से बहुत कुछ सीखना है। उन्होंने भारत को कुछ सबसे प्रसिद्ध पहल और सुधार प्रदान किए हैं जो बड़े पैमाने पर स्टार्ट-अप और व्यवसायों के लिए परिभाषा बन रहे हैं। मुझे यकीन है कि कई उद्यमी और यहाँ तक ​​कि अन्य ब्यूरोक्रेट भी कू पर उनके साथ जुड़ने और उनके विचारों को सुनने के लिए उत्साहित होंगे। अपनी मातृभाषा में अपने विचारों को साझा करके एक बहुत बड़े दर्शक-समूह के साथ जुड़ने में उन्हें यहाँ मदद मिलेगी।”

कू ने पिछले कुछ महीनों में भारत के कई प्रमुख चेहरों को अपने मंच पर आकर्षित किया है। इनमें कई केंद्रीय मंत्री और मुख्य मंत्री, बॉलीवुड अभिनेता, अभिनेत्री, निर्देशक, खेल व्यक्तित्व, शीर्ष भारतीय ब्यूरोक्रेट और सशस्त्र बलों के सदस्य और कई अन्य प्रतिष्ठित व्यक्तित्व शामिल हैं। इन प्रमुख हस्तियों को कू पर हर रोज अन्य यूज़र्ज़ के साथ जुड़ते देखना आम बात है।

कई सिलेब्रिटी और प्रमुख हस्तियों को यहाँ दुगने से सौ गुना के बीच फ़ालोअर बहुत कम समय में मिले हैं। उन्हें कई भारतीय भाषाओं में ऐसे दर्शकों के लिए कू करते देखा जाता है जो ट्विटर पर नहीं देखे जाते। कू के कथन – ‘भारतीय इंटर्नेट में भारतीय भाषाओं की शक्ति’ पर उपरोक्त पूर्णतया खरा उतरता है।

Related posts

Mirzapur : शास्त्री ब्रिज पर अवैध वसूली के आरोप में पुलिस के दो जवानों पर गिरी निलंबन कि गाज

Khula Sach

Mirzapur : अनियंत्रित क्रूजर वाहन अज्ञात ट्रक से टकराई, एक की मौत,15 घायल

Khula Sach

स्कूल पाठ्यक्रम में तकनीक आधारित विषयों को शामिल करने की छात्रों की मांग : ब्रेनली सर्वे

Khula Sach

Leave a Comment