Khula Sach
कारोबारताज़ा खबर

सरकार के स्कूल अनलॉकिंग नियमों के साथ भारतीय छात्र स्कूल जाने के लिए तैयार

मुंबई : भारत सरकार ने स्कूलों को अनलॉक करने के नए नियम जारी किए हैं और स्कूलों को खोलने की तैयारी कर ली है। इस पर भारत के ब्रेनली छात्रों में कराए गए एक सर्वेक्षण में ज्यादातर (62.5%) ने कहा कि वे स्कूलों को अनलॉक करने के नए नियमों के साथ सहज हैं। सर्वेक्षण में 3,397 उत्तरदाताओं ने भाग लिया और यह इस वर्ष स्कूलों के फिर से खुलने से पहले छात्रों की धारणाओं के साथ प्रासंगिक मुद्दों की एक झलक पेश करता है।

21.1% भारतीय छात्रों ने दावा किया कि वे नए दिशानिर्देशों के बारे में अपनी भावनाओं को लेकर कुछ कहने की स्थिति में नहीं थे। 16.4% इन नियमों से आशंकित थे। सर्वेक्षण के उत्तरदाताओं में से आधे से अधिक (51.4%) न्यू नॉर्मल में स्कूल जाते समय सुरक्षित महसूस कर रहे हैं। शेष छात्र बंट गए क्योंकि वे या तो इसे असुरक्षित (25.5%) मान रहे हैं या कुछ कहने की स्थिति में नहीं (23.2%) हैं। उनकी राय स्कूलों को फिर से खोलने के बारे में उनके माता-पिता की धारणा से मेल खा सकती है। 55.4% छात्रों ने कहा कि उनके अभिभाक इसके समर्थक थे, जबकि 26.3% अभिभावक अपने बच्चे की सुरक्षा को लेकर चिंतित थे।

सर्वेक्षण में आगे कहा गया है कि अधिकांश छात्र आशावादी हैं और वांछित सुरक्षा सावधानियों के अनुकूल हो सकते हैं। यह पूछे जाने पर कि क्या वे अनुकूलन कर पाएंगे, उत्तरदाताओं में से 61.3% ने ‘हां ’कहा, जबकि केवल 17.7% ने नहीं’ कहा। 21% छात्रों ने माना कि यह कहना ‘कठिन’ है। आधे छात्रों (52.1%) ने यह भी दावा किया कि वे मौजूदा स्थिति में रिमोट एजुकेशन को चुनौतीपूर्ण मानते हैं। हालांकि, 57.4% ने कहा कि वे अपने स्कूल फिर से खोलने के बाद ऑनलाइन और ऑफलाइन एजुकेशन के मिश्रण के साथ हाइब्रिड लर्निंग मॉडल पसंद करेंगे।

ब्रेनली में सीपीओ राजेश बिसानी ने सर्वेक्षण के निष्कर्षों पर कहा, “हमने देखा है कि बहुत सारे भारतीय छात्र लॉकडाउन के दौरान सक्रिय सेल्फ-लर्नर बन गए हैं क्योंकि वे ऑनलाइन प्लेटफ़ॉर्म पर अपनी समस्याओं के समाधान की तलाश में रहते थे। यह सीखने के संसाधनों तक पहुंच को बढ़ाता है और अधिक लचीलापन प्रदान करते हुए अपने स्वयं सीखने के पैटर्न में बदलाव लाया है। आगे जाकर हाइब्रिड लर्निंग मॉडल अपनाने का निरीक्षण किया जाएगा क्योंकि ऑनलाइन प्लेटफ़ॉर्म बच्चे की शैक्षिक आवश्यकताओं के लिए मूल्यों को जोड़ते हैं, खासकर स्कूल के बाद के घंटों में। कक्षाओं के बाहर शिक्षा जारी रहेगी क्योंकि छात्र कक्षा के सत्रों का पालन करने और अपनी गति से सीखने में सक्षम होंगे।”

Related posts

“सशस्त्र सेना झण्डा दिवस‘‘ एवं ‘‘विजय दिवस‘‘ समारोह अत्यन्त हर्षोल्लास एवं परम्परागत तरीके से मनाया गया

Khula Sach

hapur : राष्ट्रीय व्यापार मंडल ने एसपी को स्मृति चिंह व बुके भेंटकर किया स्वागत

Khula Sach

जोखिम वाली संपत्तियों की मांग में वृद्धि ने कच्चे तेल की कीमतों को कम किया

Khula Sach

Leave a Comment