Khula Sach
कारोबारताज़ा खबर

आने वाले दिनों में कैसा होगा वर्कप्‍लेस का भविष्य: कर्मचारी हों या अधिकारी रखते हैं लचीलेपन की चाहत

स्टीलकेस के अनुसंधान से पता चलता है कि भारतीय लीडर्स में से 85% घर और ऑफिस दोनों से काम करने का विकल्प चाहते हैं

भारत : स्टीलकेस द्वारा आज जारी एक नई रिपोर्ट से पता चलता है कि 2020 के कार्य अनुभव—जिसमें ऑफिस के ज्यादातर कर्मचारियों ने साल के ज्यादातर समय घर से काम किया — में व्‍यावसायों को उत्‍पादकता, जुड़ाव और नवाचार में हुए नुकसान के लिहाज भारी कीमत चुकी पड़ी।

स्टीलकेस रिसर्च में महामारी की पूरी अवधि में 10 देशों के विवरण शामिल किए गए हैं। इनमें भारत भी शामिल है और 32,000 लोगों ने इस अनुसंधान में हिस्सा लिया है। इनमें कर्मचारी, बिजनेस लीडर्स और रियल एस्‍टेट से संबंधित निर्णय लेने वाले भी शामिल हैं जो लाखों कामगारों का प्रतिनिधित्व करते हैं।

स्टीलकेस की ‘बदलती अपेक्षाएं और भविष्य के कारण’ रिपोर्ट के अनुसार, सर्वेक्षण में भारत में काम करने वाले लोगों ने कहा कि घर से काम करने (WFH-डब्ल्यूएफएच) के कई फायदे हैं। इसके साथ इन लोगों ने कुछ चुनौतियों पर भी प्रकाश डाला। औसतन 41% कामगारों ने वैश्विक स्तर पर कहा कि वे अपने घर से काम करने की स्थिति से असंतुष्ट हैं। इसके साथ इन लोगों पर इसके प्रभाव का उल्लेख किया और कहा कि इससे उत्पादकता और जुड़ाव पर असर पड़ा है। भारत में संपूर्ण जुड़ाव और उत्पादकता की स्थिति क्रम से 16% और 7% कम हुई।

वैसे तो लोग ऑफिस आना फिर से शुरू करने के लिए उत्सुक हैं पर जो नतीजे सामने आए हैं उसमें घर से काम करने के दो फायदों पर प्रकाश डाला गया है। पहला है, स्वास्थ्य और फिटनेस के लिए ज्यादा समय मिलता है (39%) और अच्छे से फोकस किया जा सकता है (33%)। इसके उलट, लोगों ने घर से काम करने के अपने अनुभवों पर असंतोष भी जताया है। उनका कहना है कि इससे अलग-थलग रहने की भावना पैदा हो गई थी (26.4%), निर्णय लेना धीमा हुआ (21.7%) तथा काम और जिंदगी के बीच संतुलन पर प्रभाव पड़ा (20.4%)।

अब जब दुनिया भर में जीवन सामान्य हो रहा है तो सिर्फ 23% लोग पूर्णकालिक तौर पर वापस लौटेंगे जबकि 72% मिश्रित कार्य मॉडल अपनाएंगे तथा सिर्फ 5 प्रतिशत घर से काम करना जारी रखेंगे (वैश्विक महामारी के बाद सिर्फ 2% की वृद्धि हुई है)। रिपोर्ट से पता चलता है कि भारत शीर्ष बाजारों में एक है जहां कर्मचारी मिश्रित मॉडल को सबसे ज्यादा पसंद कर रहे हैं। महामारी के बाद लोगों की अपेक्षाओं की बात की जाए तो भारत में ज्यादातर लोगों ने (85%) ने कहा कि वे अपनी टीम के लिए और ज्यादा हाइब्रिड काम की अपेक्षा कर रहे थे। इसके मुकाबले सिर्फ 12% ने कहा कि वे ऑफिस में ज्यादा काम करने वाले मॉडल की फिर से शुरुआत करेंगे। बहुत बड़ी संख्या 90% ने कहा कि वे ऑफिस में भारी काम करने वाले मॉडल की शुरुआत करेंगी। दूसरी ओर, ऐसा कहने वाले लोगों की संख्या भी बहुत ज्यादा 90% थी कि वे अपने कर्मचारियों को विस्तृत विकल्प देना चाहते हैं और वे कहां से काम करना चाहते हैं इसका निर्णय वे उन्हीं पर छोड़ना चाहते हैं।

कर्मचारियों ने जब विभिन्न कारणों से ऑफिस लौटने की इच्छा जताई तो वे — पेशेवर माहौल में काम करना चाहते हैं (61%), संस्थान से फिर से जुड़ना चाहते थे (56%) और सहकर्मियों से कनेक्ट होना चाहते थे (49%) — इसके अलावा कोविड के बाद के कार्यस्थल के बारे में भी उन्हें कुछ अपेक्षाएं थीं।

अनुसंधान में पांच महत्वपूर्ण तत्व सामने आएं :

सुरक्षा : महामारी के बाद की दुनिया में सुरक्षा ज्यादातर लोगों की प्राथमिक चिन्ता है, सुरक्षा प्रोटोकॉल (81%), हवा की गुणवत्ता (80%), और सुविधाओं की सफाई (77%) के पालन पर लोगों का ध्यान है।

जुड़ाव : तमाम सोशल डिसटेंसिंग के बावजूद लोग सहकर्मियों से चर्चा करना चाहते हैं। इससे उन्हें एक कम्‍युनिटी का होने की समझ मिलती है और इसलिए उत्पादकता तथा जुड़ाव बढ़ता है।

उत्पादकता : सहयोग, सीखना और साधनों तक पहुंच कुछ अहम मुद्दे हैं जो उत्पादकता को प्रभावित करते हैं। “अगर आप भौतिक रूप से एक कमरे में मौजूद हैं तो आप बहुत कुछ लिख सकते हैं और लोगों के बॉडी लैंग्वेज को बेहतर पढ़ सकते हैं। घर से काम करते हुए मुझे लगता है कि अंत में सतह पर फिसल रहा हूं।” अध्ययन के एक भागीदार ने कहा।

आराम : घर से काम करने के बुरे प्रभावों में एक है काम करने की सुविधाएं न होना और इसलिए पूरी दक्षता से काम न कर पाना। नतीजतन स्वास्थ्य से संबंधित समस्याएं होती हैं और काम पर फोकस नहीं रहता है। ऐसे में ऑफिस की व्यवस्थित जगह से काम करना ज्यादातर लोगों के लिए स्पष्ट विकल्प था।

नियंत्रण : अध्ययन से पता चला कि 54% लोग अपने ऑफिस फर्नीचर में बदलाव से संबंधित लचीलापन चाहते हैं, पर सिर्फ 38% ऐसा कर सकते हैं। कर्मचारी लचीले और आरामदायक ऑफिस माहौल पर नियंत्रण चाहते हैं और उनकी सीमा से आगे जाने की योग्यता की भी चाहत है।

प्रवीण रावल, स्टीलकेस एशिया-पैसेफिक मैनेजिंग डायरेक्टर, इंडिया, सार्क, डिजाइन ऐप्‍लीकेशन – एपीएसी, ने कहा: “महामारी से कारोबारी परिचालनों को अनापेक्षित पैमाने पर प्रभावित होना पड़ा। इससे कंपनियों को काम के नए नियमों और प्रक्रियाओं पर विचार करना पड़ा। 2020 के ज्यादातर समय लोगों ने घर से काम किया पर अब कर्मचारी और नियोक्ता मौजूदा सार्वजनिक स्‍वास्‍थ्‍य चिंताओं के बावजूद वापस ऑफिस जाने के लिए उत्सुक हैं क्योंकि कर्मचारी के सामाजिक जीवन में ऑफिस की अहम भूमिका होती है। इसके अलावा, घर से काम करने की स्थितियां इतनी आदर्श नहीं होती हैं। स्टीलकेस की रिपोर्ट बेहतर काम-काज और उत्पादकता के लिए लोगों की आवश्यकताओं और अपेक्षाओं के बारे में बताती है। संस्थानों को अपनी कारोबारी प्राथमिकताओं को नए सिरे से अपनाना और उनसे तालमेल बिठाना पड़ेगा ताकि कर्मचारियों को सुरक्षित और लचीला कार्य माहौल मुहैया कराया जा सके।”

Related posts

Mirzapur : स्वामी विवेकानंद जयन्ती एवं राष्ट्रीय युवा दिवस के उपलक्ष्य में रक्तदान शिविर का आयोजन

Khula Sach

इस लोहड़ी, सारेगामा ने लॉन्च किया लोकप्रिय पंजाबी ट्रैक, ‘चरखा चानन दा’ का रिक्रिएशन

Khula Sach

नरोत्तम शेखसरिया फाउंडेशन ने “प्रोजेक्ट इग्नाइट” की लॉन्‍च की घोषणा की

Khula Sach

Leave a Comment