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फाइनेंशियल प्लानिंग के लिए 2020 से मिले सबक और प्रमुख सीख

मुंबई : पूरे देश में कोरोनावायरस के खिलाफ टीकाकरण अभियान चल रहा है। आखिर, 2021 ने वह शुरुआत दी है, जिसका सभी को इंतजार था! आज, भारत में इक्विटी निवेशक भी बराबरी से खुश हैं। टियर II और टियर III शहरों में निवेशकों की जागरूकता के वर्षों बाद अब जाकर अधिक से अधिक निवेशक और ट्रेडर शेयर मार्केट में रुचि ले रहे हैं। जाहिर है, टेक्नोलॉजी उनकी सेवा में हाजिर है (एआई-आधारित निवेश इंजन और मोबाइल ट्रेडिंग जैसी सुविधाओं के साथ), और इसी तरह #बजटका मतलब के साथ भारत का वित्तीय रोडमैप भी उनके पास है।

हालांकि, शेयर बाजार सोचे-समझे जोखिमों और उससे निकलने वाले लाभ का एक खेल है। फिर, वर्ष 2020 ने इस समीकरण को कैसे बदला या नया स्वरूप दिया है? 2020 से फाइनेंशियल प्लानिंग के लिए सीखने वाली बातों पर नजर डाल रहें हैं एंजल ब्रोकिंग लिमिटेड के मिड कैप्स एवीपी श्री अमरजीत मौर्या। ताकि 2021 में नई शुरुआत जितनी शानदार हुई है, उतनी ही अद्भुत बनी रहे।

विस्तार पर ध्यान दें: खतरे अक्सर अदृश्य होते हैं: यह विडंबना है कि कभी-कभी ऐसा कुछ दिखाई भी नहीं देता, जिसका बाजार पर बहुत प्रभाव पड़ता है। लेकिन अनुभवी निवेशक आपको बताएंगे कि ऐसा है नहीं। वे जानते हैं कि, कोरोनोवायरस की तरह, इस तरह के फेक्टर अक्सर बाजार में अनदेखे रह जाते हैं – जब तक कि आपके पास उन्हें देखने की समझ न हो। अन्यथा, वे अक्सर आंख से छिप जाते हैं। उदाहरण के लिए, किसी को भी 2008 में लेहमैन ब्रदर्स के ध्वस्त होने की उम्मीद नहीं थी। पर माइकल बरी, फ्रंटपॉइंट पार्टनर्स, ब्राउनफील्ड कैपिटल जैसे कुछ लोगों ने इसे देखा, क्योंकि उन्होंने डिटेल्स पर ध्यान दिया था।

सक्रियता से संतुलन साधना: 2020 ने वैश्विक निवेशकों को झंझोड़ा है और उसके बाद ही गया है। इसने उन्हें याद दिलाया कि निवेश करना और उन पर निष्क्रिय रहने से मनचाहे नतीजे नहीं मिलते। इस वजह से आपको अपने पोर्टफोलियो को लगातार रीबेलेंस करना होगा। इसके लिए एक निवेशक को बाजार के विकास के साथ बने रहने और विवेकपूर्ण निर्णय लेने की आवश्यकता होती है – यहां तक कि आवश्यकता होने पर उच्च अस्थिरता के दौरान निवेश को बाहर भी निकालना पड़ सकता है। समय पर लगाया एक टांका, बाद में नौ टांकों को बचाता है।

वित्तीय योजनाएं बदल सकती हैं, लेकिन वित्तीय लक्ष्य नहीं: आपके पास दीर्घकालिक वित्तीय लक्ष्य हैं और उन्हें पाने के लिए शॉर्ट-टर्म योजनाएं हैं। कई बार, बाजार की घटनाओं की एक सीरीज के कारण आपकी वित्तीय योजनाएं बदल सकती हैं। हालांकि, आपके दीर्घकालिक लक्ष्यों को आदर्श रूप से बरकरार रहना चाहिए। आपकी वित्तीय योजनाओं में केवल एक मामूली सुधार की आवश्यकता होनी चाहिए। लेकिन इसे कैसे करें? पोर्टफोलियो निवेश रूलेट व्हील पर लगाए दांव की तरह नहीं हैं। वे वित्तीय साधनों, मार्केट परफॉर्मंस, अनुमानित मांग और तकनीकी उपकरण और इनसाइट्स से समर्थित कई अन्य मापदंडों के आधार पर बनाए जाते हैं। आपको उनका लाभ उठाना होगा।

महामारी के प्रकोप के साथ यह स्पष्ट था कि इससे दवा और स्वास्थ्य संबंधी प्रोडक्ट्स की मांग बढ़ेगी। इसलिए, जब से मामलों में वृद्धि हुई और भारत में लॉकडाउन की घोषणा हो गई, निफ्टी फार्मा इंडेक्स और एसएंडपी बीएसई हेल्थकेयर दोनों अब तक दोगुने से अधिक हैं। नोटबंदी के बाद जब रियल एस्टेट जैसे क्षेत्रों का सामना करना पड़ा, बैंकिंग शेयरों में रैली देखी गई क्योंकि इस कदम ने बैंकिंग लिक्विडिटी बढ़ाई। संक्षेप में, बाजार में आपके लिए कोर्स को सही करने का अवसर हमेशा मौजूद रहता है। आपको बस सही दिशा में देखना है।

अपना पोर्टफोलियो जानिएः 2020 में भारत के बड़े फंड मैनेजरों में से एक फ्रैंकलिन टेम्पलटन ने अपने 6 फंड्स को सस्पेंडेड एनिमेशन में रखा। इन फंड्स को ऐसा रखने की एक बड़ी वजह थी कि इसने एक बार में ही लगभग 28,000 करोड़ रुपए का नुकसान का सामना किया क्योंकि इसके पास यस कैपिटल द्वारा जारी शून्य-कूपन डिबेंचर थे। यस कैपिटल, यस बैंक लिमिटेड की सहायक कंपनी है, जो फ्रैंकलिन टेम्पलटन के निलंबित एनिमेशन में जाने से पहले गलत कारणों की वजह से सुर्खियों में आई थी। इससे 6 फंड्स को भारी नुकसान हुआ, उनमें से 5 फंड्स ने यस बैंक के प्रमोटर्स को लोन दिया था। इस वजह से समय पर संभावित नुकसान को कम करने के लिए अपने पोर्टफोलियो को गहराई से जानना और समझना महत्वपूर्ण है।

अंत में, 2020 ने निवेशकों को अपने फाइनेंशियल प्लानिंग मैनुअल को नए सिरे से और अच्छे के लिए तैयार करने को मजबूर किया है। यह अनुभवी और नए दोनों निवेशकों की नींव को मजबूत करेगा और बेहतर रिटर्न सुनिश्चित करेगा। अब नई शुरुआत का समय है।

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