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मिर्जापुर में ऐसे ऐसे विद्वान हैं जो पूरे देश को पढ़ा सकते हैं- कमिश्नर

अभ्युदय योजना की जानकारी दी कमिश्नर ने प्रेस वार्ता के जरिए

रिपोर्ट : सलिल पांडेय

मीरजापुर, (उ.प्र.) : यूपी सरकार की मेधावी प्रतियोगी युवाओं के लिए वसंत पंचमी से लागू हो रही अभ्युदय योजना की जानकारी देते मण्डल के कमिश्नर योगेश्वर राम मिश्र ने बताया कि इससे उन युवाओं को लाभ मिलेगा जो कोचिंग-सुविधा से वंचित रहते हैं। उन्होंने यह भी बताया कि प्रथम चरण में नगर के एएसजे इंटर कालेज में तीन कमरे इसके लिए ले लिए गए हैं। कमिश्नर श्री मिश्र के अनुसार इस योजना में प्रतिभा को वरीयता दी गई है। किसी प्रकार का आरक्षण-सिस्टम लागू नहीं हैं।

व्यंग्य और चुटकी का माहौल

मंगलवार, 9/2 को कमिश्नरी कार्यालय में आहूत प्रेस-वार्ता में कमिश्नर श्री मिश्र अनेक प्रश्नों पर व्यंग्य और चुटकी लेते रहे, जिससे वार्ता में हास्य-रस की प्रधानता दिखी।

जस मवेशी तस बढ़ना

वार्ता के दौरान कोचिंग की समयावधि के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने मुंशी प्रेमचंद के गोदान उपन्यास का जिक्र करते हुए कहा- ‘जस मवेशी तस बंधना। आशय यह था कि जैसा मवेशी रहे, उसी के अनुसार उसको बांधा जाता है। श्री मिश्र का इशारा यह था कि जैसा छात्र होगा उसी के अनुसार कोचिंग की जरूरत पडती है।

मिर्जापुर तो देश को पढ़ा सकता है

वार्ता के दौरान एक प्रश्न और आया कि कोचिंग के लिए विषय-विशेषज्ञ कहां से आएंगे? जिस पर कमिश्नर योगेश्वर राम मिश्र ने ठहाका की पृष्ठभूमि फिर बनाते हुए कहा कि मिर्जापुर को अंडरइस्टीमेट न करें, यहां तो इतने विद्वान है कि पूरे देश को पढा सकते हैं। इस समर्थन में उन्होंने विदेश के एक विद्वान के कथन का भी उल्लेख किया।

फिर तो वार्ता चलती ही रहेंगी

एक पत्रकार ने कहा कि मैं देर से आया। पत्रकार ने पूर्व में कहीं कुछ बातों के बारे में सवाल किया तब श्री मिश्र ने कहा कि तब तो वार्ता खत्म नहीं होगी और इसी तरह चलती रहेगी।

इसी प्रकार कुछ और भी विन्दुओं पर व्यंग्य-शैली मूर्त होते दिखी।

वाराणसी और प्रयागराज की चर्चा

वाराणसी में DM रहे श्री मिश्र की वार्ता में वाराणसी जिलों का भी नाम आया । वार्ता के अंत में जब एक पत्रकार ने वाराणसी का जिक्र किया तो वे बोले-‘वहां के लोग यहां आते रहते हैं। अभी कल ही बहुत से आए थे। इसी तरह प्रयागराज का भी उल्लेख उन्होंने किया। उन्होंने बताया कि मां विन्ध्यवासिनी धाम का विकास उनकी दृष्टि में ऊपर है। वे प्रतिदिन एक बार उधर जाते हैं। 28 फरवरी तक बहुत कुछ किया जाएगा।

वार्ता में अधिक संख्या में पत्रकार पहुंचे। जैसे जैसे पत्रकार आते रहे, वे कुर्सियां आती रहीं। श्री मिश्र ने योजना के अभ्युदय नामकरण के अनुसार युवाओं के अभ्युदय पर जोर दिया।

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